बलिया में भाजपा प्रत्याशी के चुनाव प्रचार में खूब दिख रहा शासन सत्ता का दबदबा, जमकर उड़ रही आचार संहिता की धज्जिया

 

बलिया। वर्तमान समय मे लोकसभा चुनाव चल रहा है ऐसे में अगर बलिया लोकसभा की बात करें तो यहां इन दिनों आदर्श आचार संहिता की बीजेपी कार्यकर्ताओं द्वारा जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही है जो कि कही न कही जनता के लिए भी चर्चा का विषय बना हुआ है। सिर्फ इतना ही नही बलिया में बीजेपी आचार संहिता के नियमो को दरकिनार कर लगातार वोट पाने के लिए हर पैतरा अपना रही है। वहीं सोशल मीडिया के माध्यम से वोटरों को लुभाने के लिए प्रत्याशी द्वारा कोई कसर नहीं छोड़ा जा रहा है।


कही साड़ी बाट कर जनता को दिया प्रलोभन, तो कही लगे होर्डिंग पोस्टर

जनपद के हैबतपुर में बीजेपी का चल रहे जनसंपर्क अभियान में सारी बांटने का वीडियो भी खूब सुर्खियों में रहा, अलर्ट मोड में चुनाव निर्वाचन आयोग ने आखिरकार इस पर संज्ञान ले ही लिया और भाजपा समर्थकों पर एक प्रधान समेत लगभग सात लोगों पर मुकदमा भी दर्ज हो गया। दरअसल इसके बाद जनता में भी कहीं न कहीं यह चर्चा चल रही है कि आखिर बीजेपी लगातार आचार संहिता का उल्लंघन क्यों कर रही है।


राशन पर शासन करने का भी मामला...
अभी यही नहीं बलिया में आचार संहिता के बीच बड़े-बड़े बैनर पोस्टर भी खूब सुर्खियों में है. बताते चलें कि सरकारी रोडवेज और टी.डी कॉलेज निकट के साथ तमाम जगहों पर बीजेपी राशन दे रही है इसको लेकर लोगों को प्रलोभित कर भी आचार संहिता की धज्जियां उड़ाई जा रही है. राशन पर शासन करने के उद्देश्य से आचार संहिता का उल्लंघन कहीं न कहीं जनता को भी एक अलग मोड और संदेश देने का काम कर रही है. अब देखना यह होगा कि जनता इन सभी मुद्दों को लेकर कितना प्रभावित होती है।

राशन के नाम पर शासन करना चाहती है भारतीय जनता पार्टी। खुलेआम सार्वजनिक जगहों पर उड़ाई जा रही आदर्श आचार संहिता की धज्जियां चुनाव आयोग ने बंद कर लिया है अपनी आंखें।

जानकारों और प्रत्यक्षदर्शियों की मेने तो एक तरफ जहां बलिया लोकसभा 72 सीट से भाजपा प्रत्याशी नीरज शेखर के जनसभा के बाद साड़ी बांटने का वीडियो वायरल हुआ था। और वह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद जिला प्रशासन अपनी कुंभकर्णी नींद से जगा और मामले में नामज़द समेत आधे दर्जन से अधिक लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया। वहीं दूसरी तरफ अब चुनावी माहौल के बीच शहर के कई सार्वजनिक जगहों पर प्रधानमंत्री की तस्वीर लगी हुई होर्डिंग आचार संहिता का उल्लंघन उड़ाते नजर आ रही हैं। यानी सीधे तौर पर आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए भाजपा के द्वारा मतदाताओं को लोभन देने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं चुनाव के बीच इस तरह से होर्डिंग लगाकर व प्रलोभन देकर राजनीतिक पार्टी के द्वारा प्रचार प्रसार करना कितना सही है या गलत यह तो चुनाव आयोग ही जाने पर जिला प्रशासन व जिम्मेदारों का यह कहना है कि होर्डिंग, पोस्टर के लिए प्रत्याशी द्वारा चुनाव आयोग से परमिशन लिया गया है जबकि उसकी कोई कॉपी मीडिया से साझा नही की गई।